गुना
एक तरफ सरकार और समाज के जिम्मेदार नागरिकों द्वारा पेड़ लगाने की बात कही जा रही है और जगह जगह पौधे रोप जा रहे है, वही दूसरी तरफ गुना में दबंगों द्वारा सरेआम हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है।अबतक तीन दिन में एक हजार से ज्यादा पेड़ काटे जा चुके है।जब इसकी सूचना रेंजर पंचम सिंह को लगी तो उन्होंने कार्रवाई करते हुए जवाबदेही डिप्टी रेंजर भूपेन्द्र सिंह को हटा दिया। अब उनकी जगह संतोष बाथम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।हैरानी की बात तो ये है कि यहां इस साल वन विभाग ने करीब 72  हजार पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है।

खबर है कि अकोदा गांव में 16  से 19  जुलाई के बीच करीब 100  से 150  बीघा में फैले जंगल साफ कर दिए गए है।यहां इन तीन दिनों में करीब एक हजार हरे-भरे और बड़े पेड़ काटे गए है।यही नही मउआखेड़ा के पास भी लगभग 400  बीघा में लगे पेड़ों को भी साफ कर दिया गया है।इसके अलावा करमदी, दोहरदा, करमदा, टुईयांखेड़ा में भी फसलों को नष्ट कर पूरा मैदान साफ कर दिया गया है।वही इस जमीन को दबंगों द्वारा अपने कब्जे में ले लिया गया है।जिसके चलते चार गांव के किसान आमने-सामने आ गए है।

हैरानी की बात तो ये है कि वन विभाग द्वारा इसी साल यहां करीब 72  हजार पेड़ों को लगाने का लक्ष्य रखा गया है। सूचना मिलते ही रेंजर वहां पहुंचे और डिप्टी रेंजर भूपेन्द्र सिंह पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हटा दिया। उनकी जगह संतोष बाथम को दी गई है।वही चारों गांवों पर कर्मचारी और रक्षक पहुंच गए है और दबंगों पर अपनी नजर जमाए हुए है।खबर है कि विभाग के अधिकारियों की कमी के चलते दंबगों को शेह मिली है और इसी का फायदा उठाकर वे धड़ाधड़ कटाई कर रहे है। वर्तमान में यहां यहां बमोरी एसडीओ , रेंजर और बीट में डिप्टी रेंजर का पद खाली है।फिलहाल जिम्मेदारी वन रक्षकों पर है, ऐसे में कटाई को रोकना मुश्किल हो रहा है।