Friday, October 19th, 2018

आपको बीमार बना सकती है हर वक्त एसी की आदत

लखनऊ 
गर्मी तेज हो या कम, कुछ लोगों को हर वक्त एसी में रहने की आदत होती है। घर, ऑफिस और कार, हर जगह एसी की जरूरत महसूस होती है। ऐसे लोगों के लिए बगैर एसी के थोड़ी देर भी रहना मुश्किल हो जाता है। लेकिन यह आदत सेहत पर कई तरह के नकारात्मक असर डालती है। हालांकि गर्मियों में पूरी तरह से एसी से बचा नहीं जा सकता, लेकिन इसका कम से कम इस्तेमाल ही बेहतर है। अगर कोई शख्स किसी पुरानी बीमारी से ग्रस्त है तो एसी उसके लिए नुकसानदेह हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि एसी में लो ब्लड प्रेशर और आर्थराइटिस के लक्षण बढ़ जाते हैं।
 
ताजी हवा का अभाव 
24 घंटे एसी में रहने से शरीर को साफ हवा नहीं मिल पाती है। एसी ऑन करने से पहले खिड़की-दरवाजे बंद कर लिए जाते हैं। इस कारण कमरे की हवा उतने ही दायरे में बंद हो जाती है। ताजी हवा का अभाव शरीर की ग्रोथ में रुकावट का काम करता है। 

हड्डियों की समस्या 
एसी में सोने के दौरान कमरे का तापमान कई बार बेहद कम हो जाता है। ऐसे में शरीर काफी ठंडा हो जाता है और हमें अंदाजा भी नहीं होता है। इसी ठंड के कारण शरीर में हड्डियों से जुड़ी दिक्कतें शुरू होती हैं और यही समस्याएं बीमारियों का रूप ले लेती हैं। 
   

गर्मी हो या सर्दी, ऑफिस का एसी हर वक्त चलता रहता है। ऐसे में जिन लोगों को दिनभर एसी के सामने बैठने की आदत नहीं है, उन्हें सर्दी-जुखाम या फिर बुखार होने की संभावना बनी रहती है। एक रिसर्च के अनुसार, आपको आराम पहुंचाने वाला एसी, स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। एसी, हमारे आस-पास एक आर्टिफिशल टेम्परेचर बनाता है, जो इम्यून सिस्टम के लिए खतरनाक है। तो अगर आप बार-बार बीमार पड़ते हैं, तो उसका एक यह भी कारण हो सकता है। वे लोग जो एसी में 4 घंटे से ज्यादा देर तक बैठते हैं, उन्हें साइनस होने का खतरा रहता है। क्योंकि ठंडी हवा म्यूकस ग्रंथि को कठोर बना देती है। आइये एयर कंडिशनर के नुकसान पर डालते हैं एक नजर:-

 
अगर आपको गर्मियों में भी हल्की ठंड महससू होती है तो आप खुद को थका हुआ महसूस करने लगते हैं। एक स्टडी के अनुसार, ज्यादा देर एसी में बैठने पर थकान होती है। जिन लोगों का पूरा ऑफिस एयर कंडिशंड है उन्हें जुकाम या फ्लू जैसी बीमारी हो सकती है।

 

जिन लोगों को एसी में रहने की आदत पड़ जाती है। उनके लिए गर्मी या धूप सहना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। दरअसल, ठंडे वातावरण में होने की वजह से आप जब गर्मी में जाते हैं तो बॉडी में स्ट्रेस बढ़ता है। एसी में रहने पर गर्मी सहन करने की क्षमता खत्म हो जाती है।

 
एसी से निकलने वाली हवा कई बार शरीर के जोड़ों में दर्द पैदा करती है। गर्दन, हाथ और घुटनों का दर्द ठंडी हवा लगने की वजह से बढ़ जाता है, जो कि अगर लंबे समय तक रहे, तो बड़ी बीमारी का कारण भी बन सकता है।

   
त्वचा पर झुर्रियां 
एसी ऑन करने पर उसकी ठंडक से पसीना सूख जाता है। लेकिन एसी कमरे के साथ-साथ शरीर की भी नमी खींच लेता है। नमी के कम होने से हमारे शरीर में पानी की कमी होने लगती है। इससे त्वचा पर झुर्रियां दिखने लगती हैं। पानी की कमी से बीमारियां तेजी सी शरीर पर हावी होने लगती हैं। 

गर्मी के प्रति सहनशीलता कम 
जो लोग एयर कंडीशन कमरों में अधिक समय बिताते हैं, उनमें गर्मी के प्रति सहनशीलता कम होती है। ज्यादा वक्त तक कम तापमान में रहने के बाद उनके शरीर को गर्म तापमान के साथ समायोजित होने में बहुत मुश्किल आती है। यह खासतौर पर गर्म जलवायु में रहने वाले लोगों के लिए असुविधाजनक हो जाता है, जब वह गर्मी में बाहर कदम रखते हैं। 

Source : Agency

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