सतना
सतना में एक ऐसा वाकया हुआ जिसे जिसने भी देखा और सुना उसकी आंखें नम हो गयीं.यहां समय पर इलाज ना मिलने से लेबर पेन में तड़प-तड़प कर एक महिला ने दम तोड़ दिया.लेकिन कोख़ में से बच्चा बाहर आ गया था. वो ज़िंदा था. एक पुलिस वाले ने बच्चे का नाड़ा काटकर उसकी जान बचायी.

सतना जिले के नागौद कस्वे में ये वाकया हुआ. घर में दीप्ति पांडेय नाम की महिला की डिलेवरी होनी थी.वो घर में अकेली थी, उसी दौरान उसे लेबर पेन शुरू हो गए. दीप्ति को कोई अस्पताल नहीं ले जा सका. उसने वहीं घर में तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया. लेकिन उस बीच बच्चा कोख़ से बाहर आ गया था, वो मृत मां के शरीर से लिपटा पड़ा था.

उसी दौरान किसी पड़ोसी की नज़र दीप्ति पर गयी. उन्होंने फौरन डायल 100 को सूचना दी. डायल 100 की इस गाड़ी पर आरक्षक 684 कौशल कुमार और वाहन चालक राजकुमार तैनात थे. दोनों महज 6 मिनट में घटना स्थल पर पहुंच गए. कौशल ने देखा कि महिला ने जिस बच्चे को जन्म दिया वो जिंदा है लेकिन नाभी से उसका नाड़ा किसी ने काटा नहीं है.  आरक्षक कौशल ने फौरन डॉक्टर को फोन किया. डॉक्टर ने फोन पर जैसा कहा, उसी के मुताबिक कौशल ने फौरन नाड़ा काट कर मृत मां के शरीर से बच्चे को अलग किया और उसे लेकर अस्पताल भागा. बच्चे की जान बच गयी. उसे नागौद से सतना ज़िला अस्पताल शिफ्ट किया गया.

पुलिस आरक्षक कौशल और वाहन चालक राजकुमार की तत्परता और मानवता से सब खुश हैं.सतना पुलिस अधीक्षक ने दोनों को तत्काल नगद इनाम देकर उनकी पीठ थपथपाई.