भोपाल
विधानसभा सत्र के दौरान बुधवार को हुई कांग्रेस विधायक दल बैठक में फिर मंत्रियों के न सुनने का मुद्दा उठा।कई विधायकों ने इसको लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत की।वही बैठक में सभी विधायकों को विधानसभा के सत्र में उपस्थित रहने को कहा गया। साथ ही जरूरत पड़ने पर फ्लोर टेस्ट के लिए भी तैयार करने के लिए निर्देशित किया गया। बसपा विधायक संजीव सिंह और सपा विधायक राजेश शुक्ला बैठक में नहीं पहुंचे, जिसकों लेकर चर्चा होती रही।सूत्रों का कहना है कि वे इस बात से नाराज हैं, क्योंकि विकास के मामले में मंत्री उनके क्षेत्रों को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं।

दरअसल, गोवा और कर्नाटक के बनते बिगड़ते समीकरणों के बीच बुधवार को कमलनाथ सरकार ने दूसरी विधायक दल की बैठक बुलाई। इसमें  फ्लोर टेस्ट को लेकर रणनीति बनाई गई और विपक्ष के हंगामे और सवालों का सटीक जवाब देने की रूपरेखा पर मंथन हुआ। वहीं, सीएम ने कुछ विधायकों से बैठके बीच वन टू वन चर्चा भी की।इस दौरान कई विधायकों ने एक बार फिर मंत्रियों द्वारा उनकी ना सुने जाने की शिकायत सीएम से की।  बैठक में कुछ विधायकों ने मंत्रियों के रवैये को लेकर भी सवाल किए।  विधायकों ने कहा कि मंत्रियों से कहा जाए कि वे विधायकों को तवज्जो दें।। इस पर मंत्रियों को शिकायतों पर ध्यान देने के लिए कहा गया।

वही बैठक में निर्णय लिया गया कि विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक दल की बैठक हर हफ्ते होगी। सीएम कमलनाथ ने कहा कि जब भी विधानसभा चलती है विधायकों की बैठक हर हफ्ते बुलाई जाती है। पिछले हफ्ते बुलाई थी, इस हफ्ते बुलाई और अगले हफ्ते भी बुलाएंगे। सरकार का प्रयास है कि सब विधायक मिलते रहें और चर्चा करते रहें। कमलनाथ ने कहा कि विधानसभा का बजट सत्र सबसे महत्त्वपूर्ण है, इसलिए सभी विधायक सदन में पूरे समय मौजूद रहें। हम लोग फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं। भाजपा कभी भी डिवीजन मांग सकती है, जिससे वोटिंग की नौबत आ सकती है।