लखनऊ 

उत्तर प्रदेश में कानपुर, उन्नाव समेत कई अन्य जिलों से सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली खबरें सामने आईं। कानपुर और उन्नाव में तो एक समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि जय श्रीराम न बोलने पर उनकी पिटाई की गई। इन दावों ने प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया। ऐसी कई घटनाओं को लेकर उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनके जरिए सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की गई है। 
 
सभी कॉमेंट्स देखैंअपना कॉमेंट लिखेंयूपी के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा, 'अलीगढ़ में एक शख्स ने दावा किया कि उसकी टोपी उतारी गई और उसे ट्रेन में प्रताड़ित किया गया। हमने इस मामले की जांच की, वह बरेली जिले में स्थित किसी मदरसे में पढ़ता था। हमने पाया कि जिस प्रकार की बातें वह कह रहा है, ऐसा कुछ हुआ ही नहीं।' कानपुर और उन्नाव की घटना का किया जिक्र 
ओपी सिंह ने कहा, 'इसी तर्ज पर कानपुर और हाल ही में उन्नाव से भी घटनाएं सामने आईं। जहां लोगों ने यह दावा करते हुए एफआईआर दर्ज कराई कि उनसे जय श्रीराम का नारा लगाने को कहा गया जबकि तथ्य इन बयानों के एकदम विपरीत थे।' 
 
क्या था उन्नाव का मामला? 
बता दें कि हाल ही में उन्नाव से एक मामला सामने आया था, जिसमें मदरसे के छात्रों का कहना था कि उन्हें जय श्रीराम न बोलने पर कुछ युवकों ने बुरी तरह से पीटा। मामले की जांच के दौरान जय श्रीराम बोलने जैसी कोई बात सामने नहीं आई थी। इतना ही नहीं, मदरसे के मौलवी निसार अहमद ने जिन युवकों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था, पुलिस इन्वेस्टिगेशन में उनकी घटनास्थल पर मौजूदगी भी नहीं पाई गई थी।