लखनऊ।
 
राज्य सरकार ने प्रदेश के 653 निकायों में नई पेंशन देने का रास्ता साफ कर दिया है। निकायों में 1 अप्रैल 2005 से नियुक्ति पाने वाले केंद्रीयत और अकेंद्रीयत सेवा के कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा। इसमें 1 अप्रैल 2019 से लागू वेतन और मंहगाई भत्ते का 14 फीसदी अंशदान भी दिया जाएगा।

प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। शासनादेश में कहा है कि नई पेंशन योजना में वेतन और मंहगाई भत्ते के 10 प्रतिशत के बराबर धनराशि का मासिक अंशदान दिया जाएगा। इसके बराबर संबंधित निकाय भी देंगे। राज्य सरकार निकायों को इसके लिए किसी भी तरह की कोई सहायता नहीं देगी। इन पैसों के निवेश से होने वाली आय को पेंशन टियर-1 खाता खोलकर उसमें जमा किया जाएगा। नौकरी के दौरान इस खाते से पैसे निकालने की अनुमति नहीं होगी। नई पेंशन अंशदायी योजना के दायरे में आने वालों को सामान्य भविष्य निधि योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

इसलिए वह एक स्वैच्छिक टियर-2 खाता रख सकेंगे। संबंधित निकाय इसमें कोई अंशदान जमा नहीं करेंगे। टियर-2 खाते का निवेश व प्रबंध टियर-1 खाते की तरह ही किया जाएगा। कर्मचारी सेवानिवृत्ति के समय पेंशन प्रणाली के टियर-1 को छोड़ सकेगा। ऐसा करते समय कर्मचारी से अनिवार्य रूप से यह अपेक्षा की जाएगी कि वह किसी मान्यता प्राप्त बीमा कंपनी से एक वार्षिकी खरीदे और इसमें पेंशन का 40 फीसदी निवेश करे, जिससे वह इसका फायदा पेंशन के रूप में उठा सके।