नई दिल्ली
    
कर्नाटक में जारी सियासी संकट के बीच आज का दिन काफी अहम होने वाला है. दरअसल आज कर्नाटक में मौजूदा सरकार रहेगी या नहीं, इसका फैसला होने वाला है. आज होने वाले विश्वास मत से कर्नाटक की सियासी तस्वीर के पूरी तरह से साफ होने की उम्मीद है.

कर्नाटक में जब से कांग्रेस और जनता दल सेक्यूलर (जेडीएस) के गठबंधन की सरकार बनी है, तब से ही इस सरकार पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं. हालांकि कांग्रेस-जेडीएस विधायकों के इस्तीफे के बाद से कर्नाटक सीएम एचडी कुमारस्वामी की कुर्सी पर खतरा और ज्यादा बढ़ गया. ऐसे में अब विश्वास मत की नौबत आ चुकी है. राजनीतिज्ञों का दावा है कि कर्नाटक सरकार गिर सकती है.

224 सदस्यीय वाली कर्नाटक विधानसभा में विधायकों के इस्तीफे के ड्रामे से पहले बीजेपी के 105 सदस्य थे. इसके अलावा कांग्रेस 75+1 (स्पीकर) और जेडीएस के 37 सदस्य थे. हालांकि अब विधायकों के इस्तीफे देने के बाद समीकरण मौजूदा सरकार के लिए बिगड़ गए हैं. बागी विधायकों के कारण बीजेपी के विधानसभा में सदस्यों की संख्या तो फिलहाल उतनी ही है, लेकिन कांग्रेस और जेडीएस को इस मामले में नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि कांग्रेस के अब 65+1 (स्पीकर) और जेडीएस के 34 विधायक ही बच गए हैं. जिसके कारण दोनों पार्टियां का कुल आंकड़ा विधानसभा में बीजेपी से कम आ रहा है. इसके अलावा कर्नाटक में निर्दलीय 2, बीएसपी का एक और नॉमिनेटेड एक सदस्य मौजूद है.

इसके अलावा गुरुवार को 15 विधायकों के विधानसभा नहीं पहुंचने पर पूरा समीकरण ही बदल जाएगा. कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा में तब कुल 209 सदस्य रह जाएंगे. वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ गठबंधन संख्या बल घटने के कारण बहुमत साबित करने में परेशानी झेल सकता है. इस स्थिति का फायदा उठाते हुए बीजेपी निर्दलीय विधायकों की मदद से सरकार बनाने में सक्षम होगी.