ग्वालियर
पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार को स्मार्ट सिटी के कामों की वर्तमान स्थिति जानने के लिए बैठक लेंगे। लेकिन खास बात ये है कि ये बैठक ना कलेक्ट्रेट में है न सर्किट हाउस में बल्कि ये बैठक जयविलास पैलेस में है। उधर कलेक्टर इसे सामान्य मुलाकात बता रहे है। वहीँ भाजपा ने इसका विरोध किया है और यदि बैठक होती है तो इसकी शिकायत करने की बात कही है।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री और पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया 17 और 18 जुलाई को दो दिवसीय दौरे पर ग्वालियर आ रहे हैं। महल से उनके दो बार कार्यक्रम जारी हुए एक सोमवार और एक मंगलवार को संशोधित कार्यक्रम। तय कार्यक्रम में कुछ बदलाव किये गये और यही तब्दीलियां शहर के राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

सूत्रों के मुताबिक सिंधिया के दो दिवसीय तय कार्यक्रम में पड़ाव रेलवे ओवर ब्रिज और स्मार्ट सिटी साईकिल प्रोजेक्ट का शुभारम्भ कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जुड़वाया लेकिन जैसे ही इसकी खबर पार्टी नेतृत्व को लगी तो उसने जानकारी लेने के बाद मंत्री तोमर से बात की। सूत्र बताते हैं कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें याद दिलाया कि इस समय विधानसभा चल रही है इसलिए सभी विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य है और इसके लिए पार्टी ने व्हिप भी जारी किया है और यदि उन्होंने इसका उल्लंघन किया तो इसके गंभीर परिणम होंगे। सूत्र बताते हैं पार्टी के फरमान के बाद सिंधिया भक्त प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यू टर्न ले लिया है। जानकर बताते हैं कि सिंधिया के दो दिवसीय दौरे के दौरान मंत्री तोमर अब ग्वालियर में नहीं रहेंगे।पार्टी के इस फरमान के बाद सिंधिया का नया कार्यक्रम जारी किया जिसमें से ये दोनों कार्यक्रम हटा दिए गए।

सिंधिया के कार्यक्रम में 17 जुलाई को सुबह 11 बजे जयविलास पैलेस में स्मार्ट सिटी की बैठक होना प्रस्तावित है। जानकार बताते हैं कि सिंधिया को स्मार्ट सिटी की बैठक लेने का कोई अधिकार ही नहीं है । वे बैठक में शामिल हो सकते हैं लेकिन कलेक्ट्रेट में या सर्किट हॉउस में । लेकिन उन्हें अपने निजी आवास जयविलास पैलेस में बैठक लेने का अधिकार नहीं है। उधर भाजपा के जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा ने इस बैठक पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उनकी कलेक्टर अनुराग चौधरी से बात हुई है।  उनका कहना है कि बैठक नहीं है वे सिंधिया से मुलाकात करने जा सकते है। जिला अध्यक्ष का कहना है कि स्मार्ट सिटी का चेयरमैन कलेक्टर होता है और जनरल बॉडी का अध्यक्ष स्थानीय सांसद होते है । चूंकि सिंधिया सांसद नहीं है इसलिए उन्हें कोई अधिकार नहीं है और यदि फिर भी वे महल में बैठक लेते हैं और कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी उसमें शामिल होते हैं तो वो इसकी शिकायत उच्च स्तर पर करेंगे। बहरहाल सिंधिया का ये दौरा कार्यक्रम विवादों में आ गया है । अब देखना ये है कि 17 जुलाई को महल में होने वाली बैठक के क्या  परिणाम सामने आते हैं।