लंदन
चेक गणराज्य की बारबोरा स्ट्राइकोवा और सू वेई सीह की जोड़ी ने चीन की यिफान शू और उनकी कनाडाई जोड़ीदार गैब्रिएला डाबरोवस्की को 2-0 से हराकर अपने करियर में पहली बार ग्रैंड स्लेम विंबलडन महिला युगल का खिताब अपने नाम कर लिया है। स्ट्राइकोवा-वेई ने चौथी वरीय यिफान-डाबरोवस्की की जोड़ी को सेंटर कोर्ट पर हुये महिला युगल फाइनल में लगातार सेटों में 6-2, 6-4 से हराकर खिताब अपने नाम किया। अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लेम सेमीफाइनल में पहुंची स्ट्राइकोवा ने फाइनल में भी पूरे आत्मविश्वास के साथ एक घंटे सात मिनट में आसान जीत दर्ज की और इसी के साथ वह नंबर एक रैंकिंग पर भी पहुंच गयी हैं। 

तीसरी वरीय जोड़ी और 33 वर्ष की उम्र में स्ट्राइकोवा और वेई ने बिना एक भी सेट गंवाये खिताब तक का सफर तय किया और वर्ष 2009 में वीनस और सेरेना विलियम्स बहनों के बाद वह विंबलडन में पहली महिला जोड़ी बन गयी हैं। उन्होंने इससे पहले बर्मिंघम में भी महिला युगल खिताब जीता था। दोनों खिलाड़ियों का एक साथ यह पहला ग्रैंड स्लेम खिताब है जबकि ओवरआॅल बतौर जोड़ी उनका यह पांचवां खिताब है। इस प्रदर्शन की बदौलत स्ट्राइकोवा डब्ल्यूटीए रैंकिंग में करियर में पहली बार युगल रैंकिंग में भी नंबर एक पर पहुंच गयी हैं। वह 43वीं युगल नंबर एक खिलाड़ी हैं जबकि चेक गणराज्य से यह रैंकिंग पाने वाली सातवीं खिलाड़ी हैं।