दंतेवाड़ा
 करीब चार दशक से नक्सलवाद का दंश झेल रहे बस्तर को इससे मुक्त करने के अभियान में नित नए प्रयोग हो रहे हैं। दंतेवाड़ा में अब नक्सलियों की कारगुजारियां सिनेमा के जरिए लोगों तक पहुंचाई जाएंगी। इसके लिए डॉक्टर से आईपीएस बने एसपी अब अभिनेता बनने जा रहे हैं।

दंतेवाड़ा के दो अफसर इस शार्ट फिल्म के जरिए नक्सलवाद की बुराइयां उजागर करेंगे। इसके लिए जिले में भिलाई के कलाकारों के साथ खुद पुलिस जवान और सरेंडर कैडर जुटे हैं। करीब 100 कलाकार जवान मिलकर अब सिनेमा के जरिए नक्सलियों के आतंक और दमनकारी नीति से लोगों को रूबरू कराएंगे।

बस्तर के बीहड़ों में नक्सली वर्षों से राज कर रहे हैं। आदिवासियों को बहला- फूसलाकर और आतंक का सहारा लेकर अपने साथ कर लिया है। अंदरूनी इलाकों में विकास कार्य होने नहीं दे रहे हैं और सरकार व प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों को उकसाते रहते हैं।

आदिवासियों को सामने कर आतंक फैलाने में भी नक्सलियों का कोई सानी है। स्थानीय आदिवासी मारा जाता है और बड़े नक्सली आराम से जंगलों या अज्ञात शहरों में रहकर ऐश की जिंदगी जी रहे हैं। इन्हीं बातों को बताने एसपी डॉ अभिषेक पल्लव और एएसपी सूरज सिंह परिहार के नेतृत्व में एक शार्ट फिल्म तैयार की जा रही है, जिसमें स्थानीय जवानों के साथ भिलाई के कलाकार शामिल हैं।

यह सिनेमा दंतेवाड़ा के जंगल और चिन्हित स्थलों पर शूट किया जा रहा है। बुधवार को स्थानीय बस स्टैंड स्थित एक दवा दुकान पर फिल्म का एक शॉट फिल्माया गया। इससे पहले दंतेवाड़ा के जंगलों में शूटिंग की गई है।