नई दिल्ली

प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गये बैंक खातों में जमा राशि 1 ट्रिलियन यानी 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई है. वित्त मंत्रालय के ताजा आंकड़े के मुताबिक 3 जुलाई तक इस योजना के तहत खोले गए 36.06 करोड़ खातों में 1,00,495.94 करोड़ रुपये जमा थे. प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) की शुरूआत 28 अगस्त 2014 को की गई थी.

जनधन लाभार्थियों के खातों में जमा राशि निरंतर बढ़ रही है. इससे पहले 6 जून को इन खातों में यह राशि 99,649.84 करोड़ रुपये तथा उससे एक सप्ताह पहले 99,232.71 करोड़ रुपये थी.इस योजना का मकसद देश के उन गरीब लोगों को बैंक सुविधाएं उपलब्ध कराना है जिनके पास बैंक खाते नहीं थे.

क्या है इस खाते की विशेषता

पीएमजेडीवाई के तहत खोला गया खाता मूल बचत बैंक जमा (बीएसबीडी) खाता है. इसके साथ रूपे डेबिट कार्ड और ओवरड्राफ्ट की सुविधा दी जाती है.  इस खाते में न्यूनतम राशि रखने की जरूरत नहीं है. अबतक 28.44 करोड़ खाताधारकों को रूपे डेबिट कार्ड जारी किये गये हैं. योजना की सफलता से उत्साहित सरकार ने 28 अगस्त 2018 के बाद खोले गये खातों के लिये दुर्घटना बीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया है. इसके साथ ओवरड्राफ्ट की सीमा भी दोगुनी कर 10,000 रुपये कर दी गई है.

इसके पहले दिसबंर 2018 तक देश में 32 करोड़ से ज्यादा जनधन खाते खोले जा चुके थे. 28 करोड़ से अधिक खाताधारकों को रूपे डेबिट कार्ड जारी किये जा चुके हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को जनधन योजना की घोषणा की थी, और इसे 28 अगस्त 2014 को लॉन्च किया गया. इसका मकसद सभी परिवार को बैंक सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना था.

कुल खातों में 50 प्रतिशत से अधिक खाते महिलाओं के नाम पर हैं जबकि करीब 59 प्रतिशत खाते ग्रामीण तथा अर्द्ध-शहरी क्षेत्र में खोले गये. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जीरो बैलेंस खाते हैं. PMJDY के अंतर्गत खुले खाते पर धारक 6 महीने के बाद 10,000 रुपये तक की राशि लोन के तौर पर भी ले सकते हैं.