जबलपुर
वित्त मंत्री तरुण भनोेत ने जबलपुर में नर्मदा रिवर फ्रंट के लिए आज बजट का ऐलान कर दिया है। यह घोषणा होते ही नर्मदा भक्तों सहित समूचे महाकोशल अंचल में खुशी की लहर है, क्योंकि नर्मदा जबलपुर सहित संभाग के मंडला,डिंडौरी,नरसिंहपुर जिलों से होकर गुजरती है। वित्त मंत्री ने नर्मदा नदी पर रिवर फ्रंट बनाए जाने के लिए 25 सौ करोड़ रुपए का प्रावधान कर दिया है जिसके लिए महात्मा गांधी राष्टÑीय रोजगार गारंटी योजना के तहत काम कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जबलपुर में लंबे समय से नर्मदा रिवर फ्रंट की मांग की जा रही है। यदि रिवर फ्रंट बनता है तो नर्मदा के तट के आसपास सौंदर्यीकरण, पक्का रास्ता और ठहरने-रुकने के लिए पार्क, आश्रम आदि बनाए जा सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि साल 2017 के आसपास भटौली से तिलवारा तक करीबन दस किलोमीटर  रिवर फ्रंट बनाने तत्कालीन सरकार ने प्रयास शुरु किया था। इसके लिए  साल 2017 के अप्रेल माह में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में एसीएस दीपक खांडेकर ने इस मुद्दे पर चल रही तैयारियों की समीक्षा भी की थी, लेकिन मामला बजट के अभाव में ही अटक गया था।

इसी मुद्दे पर नई कांग्रेस सरकार ने 2500 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान और मनरेगा से काम कराए जाने की बात कह कर रास्ता साफ कर दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि भटौली से तिलवारा तक नर्मदा का कुछ हिस्सा नगर-निगम सीमा क्षेत्र में आता है और अधिकतर हिस्सा ग्राम पंचायतों में, जहां के लिए जिला पंचायत स्तर पर काम कराया जाना है।

यह भी एक व्यवहारिक पेंच था जिसको लेकर सरकार पशोपेश में थी कि पूरा काम आरईएस से कराया जाए या नगर-निगम को ही एजेंसी बना दिया जाए। अब यह क्लीयर है कि यह काम मनरेगा से होगा जिसकी बॉडी ही अलग है, हालांकि यह बात अलग है कि फिर भी जिम्मेदारी जिला पंचायत और जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत की रहने वाली है।