रायपुर
 आदिवासी विधायक अमरजीत भगत छत्तीसगढ़ के नए पीसीसी चीफ होंगे। प्रदेश कांग्रेस के नए मुखिया के लिए उनका नाम लगभग तय माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आैर प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताआें तथा प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के बीच इस पर सहमति बन गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से हरी झंडी मिलते ही भगत के नाम की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। इसके लिए सीएम बघेल 20 जून को दिल्ली जा रहे हैं। दरअसल सीएम भी अमरजीत को लेकर दो बार कुछ इसी तरह के संकेत दे चुके हैं।

पहली बार जब उनसे सरगुजा दौरे के समय पूछा गया था तब उन्होंने अमरजीत का नाम लेते हुए कहा था कि पार्टी अालाकमान जल्द ही उन्हें कोई नई जिम्मेदारी देगा।

 दूसरी बार दो दिन के दिल्ली दौरे से लौटे सीएम बघेल इशारों में कहा था कि नए चीफ की घोषणा पार्टी आलाकमान ही करेगा। दोनों ही मौकों पर विधायक अमरजीत उनके साथ मौजूद थे। सीएम के दिल्ली दौरे के दौरान अमरजीत भी दिल्ली में थे। मंत्रिमंडल गठन के समय से ही अमरजीत मंत्री पद की चाह में थे। लेकिन पार्टी उन्हें संगठन का मुखिया बनाकर नई जिम्मेदारी देने जा रही है।

 
इसलिए अमरजीत हो सकते हैं मुखिया: अमरजीत सिंह सीतापुर से लगातार चौथी बार विधायक बने हैं। प्रदेश के सबसे मजबूत आदिवासी नेताआें ने उनकी गिनती होती। तेज तर्रार छवि के अमरजीत इस बार मंत्री पद के दावेदार भी थे लेकिन उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया। अमरजीत को किसी भी खेमे का नेता नहीं माना जाता है। पार्टी अब उन्हें संगठन की जिम्मेदारी देने की तैयारी में है। उन पर आगामी निकाय आैर पंचायत चुनाव में कांग्रेस को जीत दिलाने की होगी।


 भाजपा ने भी बस्तर के आदिवासी को दी है कमान : विस चुनाव से पहले कांग्रेस और बीजेपी दोनों के अध्यक्ष भूपेश बघेल और धरमलाल कौशिक कुर्मी समाज से बनाए गए थे। चुनावों में  करारी हार के बाद बीजेपी ने ठीक लोकसभा चुनावों के दौरान कौशिक को हटाकर कांकेर के पूर्व सांसद विक्रम उसेंडी को अध्यक्ष बनाया। इससे पार्टी को आदिवासी सीटों पर फायदा मिला। समझा जा रहा है कि दिसंबर में होने वाले निकाय चुनावों में जातिगत समीकरण को साधने कांग्रेस भी आदिवासी नेता भगत को कमान देने जा रही है।