मुरैना
यहां पोरसा इलाके के पचपेड़ा गांव के पास मंगलवार को मंदिर की जमीन पर बने घर को तोड़ने गईं तहसीलदार भूमिजा सक्सेना को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। इन्हें छुड़ाने कलेक्टर और एसपी फोर्स के साथ पहुंचे। लेकिन, आक्रोशित ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। ग्रामीणों ने तहसीलदार की गाड़ी तोड़ डाली और जेसीबी को आग लगा दी। करीब दो घंटे तक बवाल किया।


घर तोड़े जाने के विरोध में राजाबेटी नाम की महिला ने दो बेटियों के साथ आत्मदाह की कोशिश की। महिला उसी घर में रहती थी, जिसे तोड़ने के लिए प्रशासनिक अमला पहुंचा था। प्रशासनिक अमले को देखकर राजाबेटी ने कहा कि उसका घर तोड़ा गया तो वह खुद को आग लगा लेगी।

इस पर पुलिसकर्मियों ने कहा- जाओ आग लगा लो। इसके बाद महिला बेटियों के साथ घर में घुसी और मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली। महिला के आत्मदाह के प्रयास से अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। तुरंत महिला की आग को बचाया गया। लेकिन, इसमें वह और एक बेटी 60-70 फीसदी झुलस गईं। जबकि एक अन्य बेटी का पता नहीं चला। महिला को मुरैना के जिला अस्पताल भेजा गया।

उधर, महिला के आत्मदाह की कोशिश के बाद ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों ने तहसीलदार भूमिजा सक्सेना को बंधक बना लिया। पुलिसदल पर पथराव शुरू कर दिया। बवाल की सूचना पर कलेक्टर प्रियंका दास और एसपी असित यादव मौके पर भारी फोर्स के साथ पहुंचे।

ग्रामीणों ने दो घंटे तक बना रखा तहसीलदार को बंधक
पुलिस ने तहसीलदार भूमिजा सक्सेना को दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा। ग्रामीणों का कहना था कि अगर महिला की मौत हुई तो तहसीलदार को भी आग के हवाले कर देंगे। कलेक्टर प्रियंका दास और एसपी असित यादव और ग्रामीणों के बीच बातचीत की और उन्हें समझाया। करीब तीन बजे के बाद मामला शांत हुआ।

दरअसल, मंदिर की दो बीघे जमीन पर कोने एक झोपड़ीनुमा घर बनाकर राजाबेटी बेटियों के साथ रहती थी। मंदिर प्रबंधन ने इसकी शिकायत प्रशासन से की। मंगलवार को घर तोड़ने के लिए तहसीलदार भूमिजा सक्सेना पुलिस बल और जेसीबी लेकर पचपेड़ा गांव पहुंची थीं।