पटना 
बिहार में एईएस से लगातार हो रही मासूमों की मौत से पूरे देश में कोहराम मचा हुआ है. सभी की नजरें मुजफ्फरपुर पर टिकी है जहां हर रोज मासूम तिल-तिल कर मर रहे हैं. अस्पताल में डॉक्टरों से लेकर मरीजों की भीड़ लगी है तो मीडिया हाउस के बड़े-बड़े कैमरे भी लगे हैं लेकिन ये कैमरे अब तक जिन चेहरों को अस्पताल परिसर में कैद नहीं कर सके हैं उनमें एक नाम तेजस्वी यादव का है.

यूं तो मंगलवार से पहले अस्पताल में पड़े मासूमों के परिजन भी संकट की इस घड़ी में अपने सीएम को खोज रहे थे लेकिन देर ही सही सत्रह दिन बाद भी सीएम को मुजफ्फरपुर की याद आ गई और 100 से अधिक मौैतों के बाद वो भी एसकेएमसीच अस्पताल पहुंचे हैं. उनके साथ डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी भी मौजूद हैं.

लोकसभा चुनाव में महागठबंधन को मिली करारी हार के बाद से ही तेजस्वी मीडिया की नजरों से कोसों दूर हैं लेकिन उनकी सक्रियता सोशल मीडिया पर लगातार रहती थी. बिहार में पिछले सत्रह दिनों से मौत का सिलसिला जारी है लेकिन खुद को सीएम का चेहरा बताकर 2020 के लिए प्रोजेक्ट करने वाले तेजस्वी इस मौत पर मौन हैं और खामोश हैं.

तेजस्वी कहां है ये बात न तो उनकी पार्टी के नेताओं को पता है और न ही प्रवक्ताओं को लेकिन ट्विटर पर तेजस्वी की गैरहाजिरी भी इस बात का इशारा करती है कि वो लोगों की पहुंच से काफी दूर हैं. हर दिन अपने ट्विटर हैंडल से चाचा नीतीश को घेरने वाले तेजस्वी का अंतिम ट्वीट लालू प्रसाद के जन्मदिन के बाद का है जिसमें उन्होंने अपने पिता को बर्थ डे विश किया है लेकिन एईएस से हो रही मौत को लेकर उनका कोई बयान. ट्वीट अबतक नहीं दिखा है.