इंदौर 
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और बंगाल टाइगर के नाम से एक नई पहचान बनाने वाले कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया. बीजेपी के सारे गुटों को दरकिनार करते हुए किसान आक्रोश रैली के नाम पर अपने खेमे की शक्ति का प्रदर्शन किया. प्रदेश की कांग्रेस सरकार को खुली चेतावनी दी कि यदि लोगों से किए वादे पूरे नहीं किए तो वे ऐसी हालत कर देंगे कि सीएम कमलनाथ सड़क पर निकल नहीं पाएंगे.

किसान आक्रोश रैली में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि एमपी के सीएम कमलनाथ ने अपनों को ही डस लिया, सबको खत्म करके अपने बेटे नकुलनाथ को खड़ा कर दिया. उन्‍होंने दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अजय सिंह और सुरेश पचौरी को निपटा दिया है. अब वे कांग्रेस के बड़े नेताओं को छोड़कर अपने बेटे नकुलनाथ को मध्य प्रदेश का नेता बनाना चाहते हैं. यही कारण है कि वे अपने बेटे को को लेकर पीएम मोदी से मिलने गए. प्रदेश के किसान परेशान हैं उनका आक्रोश सड़कों पर दिखाई दे रहा है.

उधर, कैलाश विजयवर्गीय की किसान आक्रोश रैली पर कांग्रेस ने भी काउंटर अटैक किया. ट्रैक्टर रैली के ठीक बाद उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने एक प्रेस कांफ्रेस कर कहा कि कैलाश विजयवर्गीय भाषा की मर्यादा भूल रहे हैं. वो इंदौर की गरिमा को गिरा रहे हैं. ज्यों ज्यों कैलाश विजयवर्गीय की उम्र बढ़ती जा रही है त्यों त्यों उनकी भाषा शैली और शब्दों का चयन छोटा होता जा रहा है. बीजेपी किसानों के नाम पर राजनीति कर रही है. जबकि असल लड़ाई बीजेपी के अंदर के वर्चस्व की है. शिवराज सिंह, राकेश सिंह, गोपाल भार्गव कहते हैं कि मैं नेता हूं तो वहीं कैलाश विजयवर्गीय अपने आपको नेता बताते हैं. इसी लड़ाई का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है.