लखनऊ  
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीएड करने वालों को तोहफा दिया है. अब बीएड डिग्री धारक भी शिक्षक बन सकेंगे. कैबिनेट के इस अहम फैसले से उत्तर प्रदेश में लाखों युवाओं को फायदा होगा. प्रदेश के जूनियर बेसिक स्कूलों (कक्षा 1 से 5) यानी प्राइमरी स्कूलों में बीएड डिग्री धारक भी अब टीचर बन सकेंगे.

इस बदलाव के तहत प्राइमरी स्कूलों में नए टीचर की बहाली होगी, लेकिन इनकी सैलरी क्या होगी इसको लेकर सरकार ने फिलहाल कुछ नहीं कहा है. सैलरी और बहाली को लेकर जल्द ही गाइडलाइन जारी किए की जाएगी. हालांकि कहा जा रहा कि नए टीचरों को भी पुराने प्राइमरी स्कूलों के टीचर के बराबर ही सैलरी दी जाएगी.

उत्तर प्रदेश में फिलहाल प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों की सैलरी तकरीबन 40 हजार रुपये है. सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में नियुक्ति पाने वाले शिक्षक को 39131 रुपये मिलते हैं. जबकि शहरी क्षेत्रों में सैलरी 41744 रुपये है.

मंगलवार को कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली 1981 में संशोधन को मंजूरी मिल गई, जिसके बाद प्रदेश के जूनियर बेसिक स्कूलों (कक्षा 1 से 5) में अब बीएड डिग्री धारक भी शिक्षक बन सकेंगे. हालांकि, ऐसे टीचर्स को नियुक्ति के 2 वर्ष के भीतर प्राथमिक शिक्षा में 6 महीने का ब्रिज कोर्स पूरा करना होगा.

अभी तक वे डिग्री धारक ही अप्लाई कर सकते थे, जिन्होंने टीईटी क्वालीफाई किया है या फिर उम्मीदवार राष्ट्रीय शिक्षा परिषद से दो वर्षीय डी.एल.एड (बी.टी.सी ) या यूपी टेट पास हो. अब साधारण बीएड डिग्री धारक भी सहायक शिक्षक पद के लिए आवेदन कर सकते हैं.