ग्वालियर 
लोकसभा चुनाव हारने के बाद पहली बार गुना पहुंचे पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों से रूबरू हुए. उन्‍होंने कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए कहा कि उनकी खुद की मेहनत में कमी थी इसलिए वे चुनाव हारे. इस पर सिंधिया के सामने बैठी महिला कार्यकर्ता फूट-फूटकर रोने लगी.

बेहद थके हुए अंदाज़ में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. उन्‍होंने मंच पर पहुंचकर खुद अपने हाथ से तकिया उठाया और कार्यकर्ताओं के सामने जाकर बैठ गए. चर्चा के दौरान ज्योतिरादित्य का लोकसभा चुनाव में हार का दर्द छलक गया. सिंधिया ने कहा,' वे हार की समीक्षा करने के लिए गुना पहुंचे हैं और समीक्षा करने के बाद जल्द ही संगठन को भी दुरुस्त करेंगे.'

सिंधिया ने खुद को पार्टी का सिपाही बताते हुए कहा कि वे एक सच्चे सिपाही की तरह अंतिम सांस तक लड़ेंगे. हार की समीक्षा के लिए सिंधिया ने बंद कमरे में पदाधिकरियों से भी चर्चा की. इस मौके पर कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट, महिला बाल विकास मंत्री इमरती देवी, श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया बंद कमरे के बाहर पहरा देते रहे.

आपको बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा के डॉ. केपी यादव ने सवा लाख वोटों से हाल ही में हुए लोससभा चुनावों में शिकस्त दी है.