भोपाल
मध्‍य प्रदेश में भीषण गर्मी से हालात बेहद खराब हैं और राज्‍य के गृह विभाग ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह पानी के टैंकरों और जलस्रोतों की निगरानी करे। इस बीच राज्‍य में मुख्‍य विपक्षी दल बीजेपी ने जल संकट के लिए कमलनाथ सरकार के कुप्रबंधन को जिम्‍मेदार ठहराया है। उधर, मध्‍य प्रदेश के शहरी प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने विपक्ष के आरोप पर सफाई दी है कि कुछ क्षेत्रों में पानी के वितरण के दौरान संघर्ष की खबरों के बाद कानून और व्‍यवस्‍था को बनाए रखने के लिए पुलिस को तैनात किया गया है।


राज्‍य के गृहमंत्री बाला बच्‍चन ने इंदौर में मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस केवल उन 'संवेदनशील जगहों' पर सुरक्षा के लिए तैनात रहेगी जहां पर विवाद होने की आशंका है। इंदौर की एसएसपी रुचि मिश्रा ने बताया कि पुलिसकर्मियों को ऐसी जगहों पर पहले ही तैनात कर दिया गया है। उन्‍होंने कहा कि जब भी उन्‍हें प्रशासन की ओर से अलर्ट किया जाता है, हम पुलिस तैनात करते हैं।

पन्‍ना में पानी को लेकर संघर्ष में 8 लोग घायल
इससे पहले गुरुवार को पन्‍ना जिले में पानी को लेकर हुए संघर्ष में 8 लोग घायल हो गए थे। गत एक सप्‍ताह में केवल इंदौर में ही दो बार पानी को लेकर संघर्ष हो चुका है। इस तरह के संघर्ष की खबरें पूरे मध्‍य प्रदेश से बार-बार आ रही हैं। इसी को देखते हुए राज्‍य सरकार को पानी के टैंकरों के पास पुलिस को तैनात करना पड़ा है।

जयवर्द्धन सिंह ने कहा, 'हमें सभी जिलों में पानी की समुचित सप्‍लाई और वितरण की जरूरत है। गृह विभाग पानी आपूर्ति पर नजर बनाए हुए है। इसके अलावा जलस्रोतों की भी निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी अप्रत्‍याशित घटना को रोका जा सके। हम गृह विभाग के साथ मिलकर स्थिति को सामान्‍य बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं। जनता को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।'

जल स्रोतों पर 'नियंत्रण' के लिए कहा गया
बता दें कि राज्‍य में अधिकारियों को वितरण के दौरान जल स्रोतों पर 'नियंत्रण' के लिए कहा गया है। गृहमंत्री बच्‍चन ने कहा, 'जल वितरण के दौरान हम किसी भी अप्रत्‍याशित घटना से निपटने के लिए हरेक जिले पर अपनी नजर रखेंगे। हम एक नेटवर्क बना रहे हैं ताकि सूचनाओं को इकट्ठा किया जा सके।' इस बीच राज्‍य में कई जगहों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की भी खबरें आ रही हैं।