ककड़ी फाइबर्स और पानी का शानदार स्त्रोत है। ककड़ी में आयोडीन की पर्याप्‍त मात्रा पाई जाती है, जिससे यह कई रोगों से बचाव करती है। ककड़ी स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक होने के साथ ही रोगनाशक भी है। आयुर्वेद के अनुसार गर्मियों का यह फल स्वादिष्‍ट और पित्त खत्‍म करने वाली होती है। इस शरद ऋतु में खाना रोगकारक माना जाता है।

ककड़ी में अनेक लवणों तथा जलतत्व से पूर्ण होती है। इसमें कैल्शियम फास्फोरस, सोडियम तथा मैग्नीशियम पाया जाता है। इसका सेवन डिहाइड्रेशन से बचाता है, साथ ही यह सलाद के रूप में या फिर रायता बनाकर खाने से पेट के लिए बहुत फायदेमंद होती है। इसके सेवन से गर्मी भी कम लगती है।

प्‍यास बुझाएं
जिन्हें गर्मियों में बहुत अधिक प्यास लगती हो तो ककड़ी खाने से प्यास शांत होती है। इसके अलावा इसका रस बनाकर पीने से भी शरीर में जल की आपूर्ति होती है। ककड़ी में खीरे की अपेक्षाजल की मात्रा ज्‍यादा पाई जाती है।

मधुमेह और बीपी दूर करें
ककड़ी में पोटेशियम होता है जो उच्च रक्तचाप के रोगी को बहुत लाभ देता है। ककड़ी का सेवन शुगर के लेवल को कंट्रोल करता है।

चेहरा चमकाएं
ककड़ी का रस निकालकर मुंह, हाथ व पैर पर लैप करने से वे फटते हीं हैं तथा चेहरी की चमक भी बढ़ाती है। इसका मास्‍क बनाकर आप चेहरे पर लगा सकते हैं। इसके अलावा इसके रस को भी हाथ और चेहरे पर टैनिंग दूर करने के ल‍िए इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

कम करे वजन-
जब भी आपको भूख लगे तो आप ककड़ी का सेवन करें। इसमें पानी और फाइबर अधिक होता है और कैलोरी की मात्रा कम होती है। आप जितना भी इसे खाएंगे वजन नहीं बढ़ेगा।

पेशाब की रुकावट को करें दूर
ककड़ी के रस को शक्‍कर में या मिश्री के साथ मिलाकर पीने से पेशाब की रुकावट दूर नहीं होती है। इसके साथ ही ये पथरी रोग में लाभ पहुंचता है।


मजबूत होते हैं बाल
इसका नियमित रूप से सेवन करने से बाल जल्दी बढ़ते हैं। इसमें सिलिकॉन और सल्फर की मात्रा अधिक होती है, जो बालों की लंबाई बढ़ाने में मदद करते हैं। ककड़ी के जूस में गाजर और पालक का जूस मिलाकर पिएं। बाल जल्दी बढ़ेंगे। इसके रस से बालों को धोने से बाल सॉफ्ट और शाइनी होते हैं।

पाचन रखे सही
गर्मी के मौसम में सेवन पेट संबंधी रोगों से छुटकारा दिलाने के साथ ही पाचन शक्ति भी बढ़ाता है। ककड़ी का सेवन पित्त दोष से पैदा होने वाली बीमारियों को दूर करने में सहायक है। और इसके नियमित सेवन से पाचन तंत्र को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलती है, जिससे कब्ज, एसिडिटी, सीने में जलन, गेस्ट्रो जैसी पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं।