नई दिल्ली
 
अमेरिका की रक्षा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लॉकहिड मार्टिन ने कहा कि यदि भारत 114 विमानों का ऑर्डर दे देता है तो वह नया एफ-21 विमान दूसरे देश को नहीं बेचेगी। इस सौदे के जरिये अमेरिका की नजर अपने यूरोपीय और रूसी प्रतियोगियों से आगे निकलने की है।

लॉकहिड के रणनीतिक और व्यापार मामलों में उपाध्यक्ष विवेक लाल ने कहा कि यदि अनुबंध हुआ तो भारत कंपनी के 165 बिलियन अमेरिकी डॉलर वाले बाजार हो हिस्सा होगा। एक साक्षत्कार में लाल ने बताया कि नए लड़ाकू जेट को भारतीय जरूरतों के हिसाब से बनाया गया है ताकि 60 से अधिक वायु सेना स्टेशनों पर इसे संचालित किया जा सके। यह बेहतर इंजन मैट्रिक्स, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और हथियार ले जाने की क्षमता से लैस है। हम इसे दुनिया में किसी को भी नहीं बेचेंगे। 

भारत ने जारी की प्रारंभिक निविदा: पिछले महीने भारतीय वायु सेना ने लगभग 18 बिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत से 114 जेट प्राप्त करने के लिए आरएफआई या प्रारंभिक निविदा जारी की। इसे हाल के सालों में सबसे बड़ा रक्षा सौदा बताया जा रहा है। 

‘पेशकश विमान बेचने का फार्मूला’

अमेरिकी हथियार कंपनी लॉकहिड मार्टिन के एफ-21 विमानों की खरीद को लेकर दिए प्रस्ताव से रक्षा विशेषज्ञ सहमत नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अमेरिकी की भारत को अपने हथियार बेचने की एक चाल है। इस पर भारत को सोच-विचार कर फैसला करना चाहिए। रक्षा विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र सिंह के अनुसार एफ-21 विमान एफ-16 विमानों के ही नए संस्करण हैं। इसमें जो बदलाव बताए जा रहे हैं वह महज दिखावा भर हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि भारत एफ-21 लेता है तो इस बात की क्या गारंटी है कि अमेरिका पाकिस्तान या किसी अन्य देश को एफ-16 नहीं बेचेगा। हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं कि एफ-21 विमान यदि भारत को मिलते हैं तो भारत की वायु सुरक्षा प्रणाली मजबूत होगी।

एफ-21 की खासियत 

कम ईंधन में ज्यादा दूरी तक और ज्यादा ताकत देने वाला विमान
यह नेटवर्किंग के मामले में भी विशेष विमान है
इससे लक्ष्य पर बेहतर तरीके से हमला करना संभव होगा
इसमें एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम लगा है
इसे भारत की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया गया है
जमीन और आकाश दोनों पर कार्रवाई करने में सक्षम 
टाटा के साथ निर्माण

लाल ने कहा कि यदि लॉकहीड मार्टिन कंपनी अनुबंध जीतती है, तो यह टाटा समूह के साथ एफ -21 का निर्माण करेगी। साथ ही भारत को रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने में भी मदद करेगी। बेंगलुरु में फरवरी में हुए एरो इंडिया शो में एफ-21 को प्रदर्शित किया गया था।  

एफ-21 की बाहरी संरचना एफ-16 जैसी लग सकती है लेकिन दोनों में बड़ा अंतर है। इसमें लगा रडार एफ-16 की तुलना में दो गुना ज्यादा क्षमतावान है। इसे भारत की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। -विवेक लाल, लॉकहिड के रणनीतिक और व्यापार मामलों में उपाध्यक्ष