आप में से अधिकतर लोग फेसबुक इस्तेमाल करते होंगे। ऐसे में जाहिर-सी बात है कि फेसबुक पर आपके कई सारे दोस्त भी होंगे। आमतौर पर फेसबुक पर जैस-ही किसी जान-पहचान के शख्स की फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है तो आप और हम तुरंत फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर लेते हैं, लेकिन अब आपको ऐसा नहीं करना है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सिर्फ प्रोफाइल पिक्चर देखकर फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर लेने पर आपके साथ फ्रॉड हो सकता है।

हाल ही में नोएडा के रहने वाले अंकित (बदला हुआ नाम) नाम के शख्स के नाम से किसी ने फेसबुक आईडी बनाई और उनकी प्रोफाइल फोटो का भी इस्तेमाल किया। इसके बाद उसने अंकित के दोस्तों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। अंकित के कई दोस्तों ने फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट भी कर लिए। इसके बाद अंकित के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाने वाले शख्स ने अंकित के एक दोस्त (मुकेश) से फेसुबक मैसेंजर पर चैटिंग की। मैसेंजर पर हाल-चाल पूछने के बाद उसने मुकेश से जरूरी काम का हवाला देते हुए 15,000 रुपये की मांग की। मुकेश पैसे देने के लिए राजी भी हो गया। इसके बाद नकली आईडी से रिक्वेस्ट भेजने वाले शख्स ने मुकेश से उसके डेबिट कार्ड की जानकारी मांगी तो मुकेश ने जानकारी देने से मना कर दिया और कहा कि वे उसके अकाउंट में पैसे डाल देगा।

इसके बाद नकली आईडी वाले शख्स ने मुकेश को अपना बैंक अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड भी चैट के माध्यम से दे दिए जो कि मदुरै के यूको बैंक के एक ब्रांच का है। संयोग से इसी दौरान मुकेश ने अपने दोस्त को कॉल किया तो पता चला कि अंकित ने कोई पैसे नहीं मांगे हैं और ना ही उसकी मुकेश के साथ कोई चैटिंग हुई है। इसके बाद मुकेश ने नकली आईडी वाले को पुलिस में शिकायत की धमकी दी तो नकली आईडी वाले ने फटाफट चैट डिलीट कर दिए और नकली आईडी को भी बंद कर दिया। 

दरअसल ठगों ने फेसबुक पर फ्रॉड करने के लिए एक नया तरीका निकाला है। ये ठग पहले आपकी फेसबुक प्रोफाइल की पड़ताल करते हैं। इसके बाद आपके नाम से एक आईडी बनाते हैं और आपकी वास्तविक आईडी में लगी प्रोफाइल फोटो को नकली आईडी में लगाते हैं। इसके बाद ये ठग आपके करीबी दोस्तों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं। अब जैसे ही आपके नाम और आपकी फोटो लगी आईडी से आपके दोस्त के पास रिक्वेस्ट जाती है वे बिना सोचे-समझे उसे एक्सेप्ट कर लेते हैं।

इसके बाद ये ठग आपसे मजबूरी का हवाला देते हुए पैसे मांगते हैं। ऐसे में आपको लगता है कि आपका दोस्त मजबूरी में है तो आप पैसे भी ट्रांसफर कर देते हैं, लेकिन हकीकत में आपके दोस्त ने ना तो पैसे मांगे होते हैं और ना ही उसे पैसे मिलते हैं। तो यदि आपकी भी आदत आंख बंद करके फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने और चैटिंग के आधार पर किसी पर भरोसा करने की है तो सावधान हो जाएं, नहीं तो आप ठगी के शिकार हो सकते हैं।