प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को पीरियड होना बंद हो जाते हैं, लेकिन बच्चे को जन्म देने के बाद शरीर फिर से पुरानी प्रक्रिया में लौटने लगता है और पीरियड्स होना शुरू हो जाते हैं। हालांकि प्रेग्नेंसी के बाद के पीरियड्स का अनुभव पहले के दिनों के अनुभव से अलग होता है। इसके बारे में अगर पहले ही जानकारी हो तो महिलाएं खुद को अडवांस में मानसिक रूप से तैयार कर सकती हैं। चलिए जानते हैं इसके बारे में:

* डिलिवरी के बाद यूट्रस नॉर्मल होने लगता है और एक बार फिर ऑव्यूलेशन शुरू हो जाता है। इसके लिए बॉडी पीरियड साइकिल को फिर से स्टार्ट करती है। हालांकि पीरियड्स कब होंगे यह भी अलग-अलग कारकों पर निर्भर करता है।

* वे महिलाएं जो बिल्कुल भी ब्रेस्टफीड या रेग्यूलर ब्रेस्टफीड नहीं करवातीं उनके पीरियड्स जल्दी शुरू होते हैं।

* ब्रेस्टफीडिंग करवाने वाली महिलाओं को पीरियड्स कई महीनों बाद स्टार्ट होते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्रेस्टफीड को सपॉर्ट करने वाले हॉर्मोन ऑव्यूलेशन को शुरू होने से टालते हैं।

* कुछ महीनों तक पीरियड्स अनियमित रह सकते हैं, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर और यूट्रस पहले वाले शेप में लौटने की प्रक्रिया के बीच में होता है। एक बार इनके पुराने स्वरूप में लौटते ही पीरियड्स भी नॉर्मल हो जाते हैं।

* शुरुआती दौर में ज्यादा दर्द या हैवी ब्लीडिंग भी हो सकती है।

* ब्लड का कलर ज्यादा डार्क हो सकता है, जो धीरे-धीरे नॉर्मल होगा।