कोरिया 
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में प्रशासनिक आतंकवाद का आरोप अधिकारियों पर लगा है. आरोप है कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षक ने जब वेतन के बारे में कलेक्टर से बात की तो उन्होंने ने उसे जेल तक भिजवा दिया. इस घटना को लेकर शिक्षाकर्मी संघ ने निंदा की है. वहीं दूसरी ओर लोकसभा चुनाव के प्रशिक्षण के पहले चरण में हुई घटना को लेकर कोरिया जिला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है.

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए बैकुंठपुर में पीठासीन मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण किया जा रहा था. इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी के सामने वेतन की मांग को लेकर शिक्षाकर्मी संघ के जिला उपाध्यक्ष सुनील जायसवाल ने आवाज उठाई तो उन्हें जेल भिजवा दिया गया. बता दें कि चुनाव प्रशिक्षण के पहले दिन जिला निर्वाचन अधिकारी भास्कर विलास, संदीपा जिला पंचायत सीईओ तूलिका प्रजापति के साथ जिले के आला अधिकारी निर्वाचन निरीक्षण और प्रशिक्षण के लिए पहुंचे हुए थे.

इस दौरान पीठासीन अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण लेने वाले व्याख्याता पंचायत सुरेंद्र जायसवाल ने कलेक्टर के सामने समय पर वेतन देने की मांग रखी. कलेक्टर ने ग्राम पंचायत और शासकीय कार्य में बाधा डालने के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए. इसके बाद कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अधिकारी को के खिलाफ कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया.

शुक्रवार की सुबह लगभग 6 बजे एसडीएम से जमानत मिल गई, लेकिन इस घटना ने जिले में आतंकवाद को जगजाहिर कर दिया है. इस मामले में जब हमने जिले के दौरे पर आए प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तो उनका कहना था कि ऐसी कोई बात नहीं है वही जिले के प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने भी इस मामले की जानकारी लेने के बाद जांच कराने की बात कही.