खंडवा
मध्यप्रदेश के खंडवा के आदिवासी अंचल खालवा के आवंरिया नागोतर गांव में गैस सिलेंडर फटने से 15 से ज्यादा मकान जलकर राख हो गए हैं. हालांकि पूरे घटनाक्रम में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आदिवासी लोगों को आग की वजह से काफी बड़ा नुकसान हुआ है. दरअसल, गांव की आदिवासी महिलाओं को उज्जलवा योजना के तहत गैस कनेक्शन मिले थे, जिन्हें इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग इन महिलाओं को नहीं दी गई. लिहाजा एक घर में सिलेंडर फटने के बाद लगी आग ने एक-एक कर करीब 15 घरों को अपनी चपेट में ले लिया.

गैस सिलेंडर फटने से लगी आग इतनी तेज थी, कि पल भर में ही घास और मिट्टी से बने घरों को अपनी चपेट में ले लिया और पूरे गांव में आग फैल गई. आग से घरों में रखा अनाज, वस्त्र, नकदी और कीमती आभूषण जलकर राख हो गए. यह गांव खडंवा जिला मुख्यालय से 110 किलो मीटर की दूरी पर महाराष्ट्र की सीमा पर बसा हुआ है, जिसकी वजह से यहां मोबाइल नेटवर्क नहीं है. ग्रामीणों ने स्थानीय संसाधनों से ही आग पर काबू किया.

आग लगने के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया. सूचना के करीब एक घंटे बाद फायर फायटर मौके पर पहुंचे और आग पर पूरी तरह से काबू पाया. घटना की जानकारी लगने के बाद खंडवा कलेक्टर तहसीलदार और एसडीएम के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों के नुकसान का जायजा लिया.