Saturday, September 22nd, 2018

मालेगांव ब्लास्ट: कर्नल पुरोहित ने खुद पर लगे UAPA को SC में दी चुनौती

नई द‍िल्ली
कर्नल श्रीकांत पुरोहित ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने ऊपर लगे UAPA (अनलॉफुल एक्ट‍िविटी प्रोविशन एक्ट) को चुनोती दी. इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित और समीर कुलकर्णी की पिटीशन को खारिज कर दिया था. आरोपियों ने गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम (यूएपीए) के तहत महाराष्ट्र सरकार द्वारा उन पर मुकदमा चलाने की परमिशन को चुनौती दी थी.

हाईकोर्ट में खारिज हो चुकी है याचिका

हाईकोर्ट में कर्नल पुरोहित और अन्य की पिटीशन में कहा गया था कि यूएपीए के तहत मुकदमा चलाने की परमिशन देने वाले राज्य के ज्यूडिशियल डिपार्टमेंट को ट्रिब्यूनल से रिपोर्ट लेनी होती है. पुरोहित के वकील श्रीकांत शिवाडे ने कहा था, "मामले में जनवरी 2009 में अनुमति दी गई थी, लेकिन ट्रिब्यूनल का गठन अक्टूबर 2010 में किया गया. लिहाजा मंजूरी का आदेश गलत है."

इसका विरोध करते हुए एनआईए के वकील संदेश पाटील ने कहा, "पुरोहित ने मंजूरी दिए जाने का मामला तब उठाया था, जब उनकी बेल पिटीशन पर हाईकोर्ट में दलील दी जा रही थी."

हाईकोर्ट ने अपने ऑर्डर में कहा था कि मंजूरी दिए जाने के मुद्दे पर इस समय विचार नहीं किया जा सकता और इस पर निचली अदालत विचार कर सकती है. हाईकोर्ट ने पुरोहित को जमानत देते हुए भी यही बात कही थी. इसके बाद हाईकोर्ट ने एनआईए के वकील की दलीलों को स्वीकार कर लिया और पिटीशन को खारिज कर दिया था.

बता दें, मालेगांव ब्लास्ट केस में स्पेशल एनआईए कोर्ट ने लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित के ऊपर से मकोका (MCOCA) हटा दिया था. अब IPC की धाराओं के तहत उनपर केस चल रहा है.

क्या है मालेगांव ब्लास्ट?

29 सितम्बर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में बम ब्लास्ट हुआ था. इसमें 7 लोगों की मौत और करीब 100 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे. ये ब्लास्ट तब किया गया जब लोग रामजान की नामज पढ़ने जा रहे थे. ये पहला मामला था जब किसी ब्लास्ट के पीछे हिंदू ग्रुप का नाम सामने आया था.

Source : Agency

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