रायपुर 
छत्तीसगढ़ के विवादित अफसरों में से एक आईपीएस मुकेश गुप्ता के खिलाफ उनके ही पूर्व विभाग ईओडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज की है. डीजी मुकेश गुप्ता के अलावा आईपीएस रजनेश सिंह पर एफआईआर दर्ज की गई है. दोनों ही आईपीएस अधिकारियों पर फोन टैपिंग का आरोप है. इसके अलावा नान घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रमुख सचिव रहे अमन सिंह पर भी एफआईआर दर्ज की गई है.

मामले में जांच के लिए एसआईटी का गठन भी किया गया है. आईपीएस दीपक झा को एसआईटी का प्रभारी बनाया गया है. एसआईटी दीपक झा सहित चार सदस्यों को रखा गया है. बता दें कि 12 फरवरी 2015 को छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक व राजनीतिक ​गलियारों में भूचाल मच गया. इसी दिन एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध शाखा ने प्रदेश में नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के अधिकारियों और कर्मचारियों के 28 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा. इस कार्रवाई में करोड़ों रुपयों के साथ ही भ्रष्टाचार से संबंधित कई दस्तावेज़, हार्ड डिस्क और डायरी भी जब्त की गई थी.

छत्तीसगढ़ की नई सरकार ने कथित रूप से 36 करोड़ रुपये के इस घोटाले में जांच के लिए एसआईटी जांच करवा रही है. आरोप है कि छत्तीसगढ़ में राइस मिलरों से लाखों क्विंटल घटिया चावल लिया गया और इसके बदले करोड़ों रुपये की रिश्वतखोरी की गई. इसी तरह नागरिक आपूर्ति निगम के ट्रांसपोर्टेशन में भी भारी घोटाला किया गया. इस मामले में 27 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ किया गया था. जिनमें से 16 के ख़िलाफ़ 15 जून 2015 को अभियोग पत्र पेश किया गया था. जबकि मामले में दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. आलोक शुक्ला और अनिल टूटेजा के ख़िलाफ़ कार्रवाई की अनुमति के लिये केन्द्र सरकार को चिट्ठी लिखी गई.