भोपाल
 मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण लेने के बाद सभी की निगाह अब कमलनाथ पर टिक गई है। नाथ के करीबी विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने मीडिया से बातचीत में संकेत दिए हैं कि मंगलवार रात तक मंत्रियों के नामों पर मंथन पूरा हो जाएगा।

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के बाद अब कमलनाथ कैबिनेट के मंत्री, राज्यमंत्रियों के नामों का ऐलान होना बाकी है। कमलनाथ के करीबी माने जाने वाले कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि सभी वर्गों को संतुष्ट करने का प्रयास किया जाएगा। इस बार मंत्रिमंडल बड़ा होगा। माना जा रहा है कि इस बार मंत्रियों की संख्या 37 हो सकती है। वर्मा ने कहा कि आज रात तक बड़ी सर्जरी की उम्मीद है।

मंत्री बनने की चाह रखने वाले कई विधायक राजधानी चक्कर लगा रहे हैं। इसके अलावा जो मंत्री नहीं बन पाएंगे वे बोर्ड, निगम में जगह बना पाएंगे।

ये बन सकते हैं मंत्री
मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार में सबसे बड़ा मंत्रिमंडल हो सकता है। इसमें 37 नामों पर चर्चा संभव है। इनमें जातिगत समीकरणों और क्षेत्र को सामंजस्य बैठाने की कोशिश की जाएगी।

मालवा-निमाड़ से हो सकते हैं 11 मंत्री
कमलनाथ के करीबी माने जाने वाले पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, हुकूम सिंह कराड़ा, विजय लक्ष्मी साधौ, बाला बच्चन, तुलसी सिलावट, उमंग सिंगार, जीतू पटवारी, सचिन यादव, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, दिलीप सिंह गुर्जर या रामलाल मालवीय मंत्री बनने की दौड़ में हैं।

-विंध्य से बिसाहू लाल और कमलेश्वर पटेल का नाम सबसे आगे है।

मध्य से अकील और पीसी शर्मा
-मध्य क्षेत्र से पांच मंत्री बनाने की चर्चा है। इसमें भोपाल उत्तर से आरिफ अकील, राजस्व मंत्री उमा शंकर गुप्ता को हराने वाले दक्षिण भोपाल से विधायक पीसी शर्मा, डा. प्रभु राम चौधरी, दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह और जयवर्धन सिंह को मंत्री बनाया जा सकता है।

-ग्वालियर-चंबल अंचल से छह विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। इनमें डॉ. गोविंद सिंह, केपी सिंह, एंदल सिंह कंसाना, लाखन सिंह, प्रद्मनयु सिंह और इमरती देवी प्रमुख हैं।

-बुंदेलखंड के जिन चार विधायकों को मौका मिल सकता है उनमें ब्रजेंद्र सिंह राठौर, गोविंद सिंह राजपूत, हर्षयादव और विक्रम सिंह शामिल हैं।

-इसके अलावा महाकौशल से 7 मंत्रियों को कमलनाथ की टीम में लेने की चर्चा है। इनमें एनपी प्रजापति, तरुण भानौत, दीपक सक्सेना, लखन घनघोरिया, ओमकार सिंह मरकाम, सुखदेव पांसे, हिना कावरे शामिल हो सकते हैं।

इनके अलावा कांग्रेस को समर्थन देने वाले दो निर्दलीय विधायकों प्रदीप जायसवाल और सुरेंद्र सिंह (शेरा) भी मंत्री बन सकते हैं।

ये बन सकते हैं विधानसभा अध्यक्ष

उधर, विधानसभा अध्यक्ष बनने की हौड़ में डॉ. गोविंद सिंह, केपी सिंह, डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, एनपी प्रजापति भी शामिल हैं। इनमें से किसी को यह पद सौंपा जा सका है।