भोपाल 
मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी तूफानी शुरुआत कर दी है. उन्होंने अपने चुनावी वादों पर्फ अमल करना शरू कर दिया है. कुर्सी पर बैठते ही सबसे पहले कमलनाथ ने किसानों की कर्जमाफी की फाइल पर दस्‍तखत किए. इसके तहत किसानों का दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ होगा. इससे 40 लाख किसानों को फायदा होगा.

इसके बाद कमलनाथ ने एक प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें उन्होंने अपने ऐलान के बारे में मीडिया को बताया. उन्होंने कहा कि मैंने कुर्सी पर बैठते ही सबसे पहले कर्जमाफी के अपने वादे को पूरा किया. कमलनाथ ने इसके अलावा कन्यादान मिशन को पूरा किया. कमलनाथ ने ऐलान किया कि राज्य में चार गारमेंट पार्क खोला जाएगा.कमलनाथ ने कहा कि इससे संबंधित विकास की गति तेज होगी.

कमलनाथ ने कहा, 'सीएम बनने की ख़ुशी तो है लेकिन उससे ज्यादा बेचैनी और चिंता है क्योंकि मध्य प्रदेश के लोगों ने बहुत उम्मीद से परिवर्तन किया है. नौजवानों की आशाएं और अपेक्षाएं और अधिक हैं. आज के नौजवान में जो तड़प है उसे पहचानना होगा. ऐसा ज़माना था जब सभी सरकारी रोजगार ढूंढते थे. आज ऐसा नहीं है आज हमें ऐसी योजनाएं बनानी होंगी जिसका डिलीवरी सिस्टम सही करना होगा.'

कमलनाथ ने तंज भी कसा कि कहा कि मुझे इस बात की ख़ुशी है कि बीजेपी ने स्वीकार कर लिया है कि उन्होंने खजाना खाली करके दिया है. कैबिनेट विस्तार के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि अभी कैबिनेट हम ही हैं.

वहीं कमलनाथ ने विपक्ष द्वारा दंगों को लेकर की जा रही आलोचना पर कहा कि 1991 में मैंने मंत्री के रूप में शपथ ली. मेरे खिलाफ तब किसी ने सवाल नहीं उठाया. मैं दिल्ली का प्रभारी भी रहा तब किसी ने सवाल नहीं उठाया. मेरे खिलाफ चार्जशीट भी नहीं है. आज ही सवाल उठाना है इसका मतलब है कि ये राजनीति से प्रेरित है.