इस्लामाबाद 
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो + बुधवार को इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं और फिर वह भारत के दौरे पर आएंगे। पोम्पिओ ने मंगलवार को भारत और पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर आयरलैंड में मीडिया से चर्चा की। भारत के रूस से सैन्य डील और ईरान से तेल आयात करने पर उन्होंने कहा, भारत और अमेरिका के आपस में घनिष्ठ संबंध हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार की बैठक में इन मुद्दों पर समाधान ढूंढ़ निकालना मुश्किल है। इन पर बातचीत होगी, लेकिन मुख्य मुद्दा नहीं रहेगा।' 
 

पॉम्पियो ने कहा, 'ये फैसले (रुस से मिसाइल डिफेंस डील खरीदने और ईरान से तेल आयात) भारत और अमेरिका दोनों के लिए ही महत्वपूर्ण हैं। इस वक्त होनेवाली रणनीतिक बातचीत में इनका समाधान खोजने की उम्मीद करना बेमानी है। इन दोनों मुद्दों का समाधान रणनीतिक बातचीत में करने का हमारा इरादा भी नहीं है।' 

 
पाकिस्तान के लिए पोम्पिओ लाएंगे खास संदेश 
अमेरिकी विदेश मंत्री की यात्रा ट्रंप प्रशासन के पाकिस्तान को 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सैन्य सहायता रद्द करने के कुछ दिन बाद हो रही है। ट्रंप प्रशासन ने यह कदम पाकिस्तान के अपनी सीमा के भीतर आतंकवादी समूहों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने की वजह से उठाया। नई सरकार इमरान खान भी अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर अपने सख्त तेवर दिखा चुके हैं। ऐसे में अमेरिकी विदेश मंत्री की यात्रा को इस्लामाबाद और वॉशिंगटन के बीच संबंधों की नई शुरुआत के लिहाज से अहम माना जा रहा है। 

 
भारत और अमेरिका के बीच 2+2 स्तर की वार्ता महत्वपूर्ण 
माइक पॉम्पियो 6 सितंबर को नयी दिल्ली में भारत और अमेरिका के बीच टू प्लस टू वार्ता में हिस्सा लेंगे। भारत के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री से अमेरिकी समकक्ष मुलाकात करेंगे। इस बैठक को दोनों ही देशों के बीच संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईरान के खिलाफ अमेरिका के सख्त तेवरों के बीच भारत ईरान से तेल आयात के लिए अपनी प्रतिबद्धता कई बार दोहरा चुका है।